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Friday, May 18, 2018

Whatsapp message: May 18

हरिओम,

पूज्य गुरुदेव को बहार लाने के लिए प्रयास करे या तो बिना गुरुदेव के जीने के अभ्यास करे बात कड़वी है पर सच्ची है.
कुछ कड़वी सचाई जो आज सबके साथ शेयर करना चाहूंगा.

हमारे पूज्य गुरुदेव के शरीर की उम्र ८० से ज्यादा हो चुकी है. आज कल का हवामान और खाने में मिलाया गया केमिकल के अनुसार इस कलयुग के हिसाब से पूज्य गुरुदेव का शरीर और ५-१५ साल मन लीजिये. परन्तु जिस प्रकार जेल का वातावरण और खानपान है, उसके हिसाब से ज्यादा कहना ठीक नहीं है.

जिस तरीके से केस चल रहा है, उसके हिसाब से अगले ५ साल तक भी बापूजी हमारे बिच नहीं आएंगे. अगर आज की तारिक मई १८ २०१८ से भी अच्छे वकील केस सँभालते है तो भी काम से कम १८-३० महीना लगेगा कुछ पॉजिटिव रिजल्ट आने में. नहीं तो जिस हिसाब से अपने जोधपुर की लीगल टीम केस को आगे बड़ा रही है, उस हिसाब से तो हमे हमारे पूज्य गुरुदेव को भूल ही जाना चाहिए. ध्यान रहे लीगल टीम के साथ पूरा का पूरा अहमदाबाद आश्रम का मैनेजमेंट भी साथ है. इन सब के मन में बस एक ही इच्छा है की कैसे भी करके हमारे गुरजी अंदर ही रहे और हम हमारी गद्दी संभल ले या तो आश्रम बेच के अपनी जिंदगी सेट करले.

पूज्य गुरुदेव को आजीवन कारावास का पूरा प्लान हो चूका है. ३-४ साल में अगर पूज्य गुरुदेव को जोधपुर जेल से रहत मिलती भी है तो अहमदाबाद का केस त्यार खड़ा है. जब जोधपुर का केस ८-१० साल चल सकता है तो अहमदाबाद केस कितने साल चल सकता है? इस का आप खुद अंदाजा लागले क्यूंकि आप समझदार है. इसका सीधा मतलब एहि है की हमारे पूज्य गुरुदेव के शरीर को शांत होने तक यह जोधपुर लीगल टीम और अहमदाबाद के मैनेजमेंट वाले लीगल, कोर्ट और कचेरी के चक्कर में सब ख़तम कर देंगे.

मेरा सवाल आप सब से यह है की
बिना सदगुरुदेव के वक्ताओं के वक्तत्व का क्या महत्व ?
बिना सदगुरुदेव के आश्रमों का क्या करेंगे ?
बिना सदगुरुदेव के आश्रम के प्रोडक्ट का क्या महत्व ?
बिना सदगुरुदेव के क्या मिल जायेगा संचालको के चाटुकार बनके?
बिना सदगुरुदेव के क्या करेंगे हम सब.?
बिना सदगुरुदेव के कौन उठाएगा हमे ऊपर ?
बिना सदगुरुदेव के क्या करेंगे जोधपुर लीगल टीम की भक्ति का?
बिना सदगुरुदेव के क्या करेंगे ऋषि प्रसाद सेवा का ?

इतिहास गवाह है की ब्रह्मज्ञानी को जेल में रखके ज़हर दे कर मर दिया गया, इतिहास गवाह है की सत्ता के लोगो ने स्वार्थी और निक्कमे शिष्यों का सहारा लेके महापुरुषों को जेल में ही महापुरुषों का शरीर शांत करा दिया गया.

दुःख और डर के साथ कहना पढ़ रहा है की वही इतिहास दुबारा दोहराया जा रहा है.

सभी का focus पूज्य गुरुदेव से हटा के वक्ताओं के प्रोग्राम पे लगाया जा रहा है,
सभी का focus पूज्य गुरुदेव से हटा के दूसरे प्रोग्राम पे लगाया जा रहा है,
सभी का focus पूज्य गुरुदेव से हटा के शरबत वितरण और भंडारा जैसे सेवा पे लगाया जा रहा है

बिना सदगुरुदेव के क्या महतत्व इन सब का?

पूज्य बापूजी को जेल से जितना जल्दी बहार ला सकें, उतना हमारे लिए अच्छा है. नहीं तो गुरूजी तो ज्ञानी है, उन्हें शिष्यों से मोह नहीं परन्तु हम तो बापूजी से है और हमे बापूजी की ही जरुरत है. हमारी आध्यात्मिक स्थिति भी डॉ.प्रेम जी तरह नहीं है की हम गुरूजी को खोने के बाद भी अध्यतम मस्ती में दुबे रहे. बापूजी के अलावा और कोई गुरु का स्थान नहीं ले सकता हमारे जीवन में.

इसीलिए कह रहा हु की बिना गुरुदेव के जीने का अभ्यास करलो या गुरुदेव को बहार लेन के लिए कुछ करलो. बिच का रास्ता कुछ नहीं है.

http://athishravikanth.blogspot.in/

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
Email: athishravikanth@gmail.com

Thursday, May 17, 2018

Whatsapp Message: 17th May

हरिओम,

"अच्छे और सच्चे आश्रमवासिओ को आज नहीं तो कल आश्रम छोड़के घर जाना ही पड़ेगा |"

अच्छे आश्रमवासिओ की संख्या बहुत है पर डर से, गलत के खिलाफ, यह अपनी आवाज़ नहीं उठाते. अगर एक भी बार, हलकी सी भी आवाज़ उठाई तो तुरंत बापूजी से आज्ञा दिलवा देंगे और घर भेज देंगे. मेरी इस बात से पुराने आश्रमवासी और सच्चे साधक सहमत होंगे |

पर अच्छे और सच्चे आश्रमवासी को यह नहीं पता की आज नहीं तो कल उनको निकाल ही देंगे और घर जाना ही पड़ेगा ,कारण यह है की जो गद्दार संचालक है अहमदाबाद में और दूसरे जगह, जो आश्रम को हड़पने में लगे हुए है, वे नहीं चाहेंगे की अच्छे और सच्चे आश्रमवासी साथ में रहे नहीं तो इनकी पोल खुल जाएगी |

वैसे भी धीरे धीरे अच्छे और सच्चे आश्वमवासी एक एक करके घर जा ही रहे है और जो नहीं गए वो दब दब के रह रहे है , समझदारी इसी में है की अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाये और जो आश्रम की प्रॉपर्टी और पैसा हड़पने में लगे है उनके खिलाफ लीगली कुछ करवाई करे. यही सच्चे शिष्य का कर्तव्य है |

कुछ गद्दार आश्रमवासिओ के लक्षण और लक्ष्य निचे दे रहा हु-
लक्ष्य
कुछ गद्दार संचालक अहमदाबाद के और इनके कुछ चमचे जो अलग अलग आश्रम में है. यह सब, जब तक इनको अपना अपना हिस्सा नहीं मिलेगा, तब तक यह आश्रम नहीं छोड़ेंगे |

इन सब को पता है की आश्रम की प्रॉपर्टी करोड़ो में है , अगर यह नहीं खाएंगे तो दूसरा गद्दार खा लेगा |
आत्मज्ञान और साक्षात्कार आदि , तो बस रट्टा मार लिया है, दूसरो को उपदेश दे और अपने आप को सबकी नजरों में ऊंचा साधक कहलाये, पीठ पीछे तो पैसा, प्रॉपर्टी और बिज़नेस आदि जोड़ लिया और कईयो ने तो शादी आदि कर अपनी लाइफ को सेटेल मान रहे है |

बहुत सारे आश्रमवासी ने अपना बिज़नेस शुरू कर लिए है और कई शुरू करने में लगे है- (जैसे उदय संघानी, वैसे लिस्ट बहुत है)
बहुत सारे शादी कर लिए है और कई सेटिंग ज़माने में लगे है |
बहुतो ने अपना काम बना लिए है और आश्रम छोड़ दिए है (जैसे मनोज बेले, वैसे लिस्ट बहुत है) और कई अपना काम बनाने में लगे है |

लक्षण
१) यह कुछ गद्दार संचालक है अहमदाबाद में जिनके पास ट्रस्ट पे काफी कण्ट्रोल है और पैसा भी इनके कण्ट्रोल में बहुत है आश्रम का.(जैसे वाणी, अर्जुन, चार नंबर वाला कामी, वैसे लिस्ट बहुत है )
२) इन्ही के चमचे और सहभागी कई दूसरे आश्रम में भी है जो काफी आश्रम की प्रॉपर्टी, पैसा और ट्रस्ट कण्ट्रोल में किये हुए है (जैसे शोभाराम, वैसे लिस्ट बहुत है.)
३) और कुछ चमचे ऐसे है जिनके पास कोई कण्ट्रोल नहीं है और कोई पैसा भी नहीं है, वो गद्दार संचालक के तलवे चाटते रहते है और इनके propaganda पे काम करते रहते है. ऐसे चमचे, जिनके पास कुछ कण्ट्रोल नहीं है, वो इसी उम्मीद पे आश्रम में ठीके हुए है की, जब बंटवारा होगा तो हमे भी कुछ पैसे मिलेंगे ताकि हम भी शादी करले और बिज़नेस शुरू करके सेट हो जाये. (जैसे राजू चिल्लर, बैंगलोर का रवि, वैसे लिस्ट बहुत है)

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हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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Tuesday, May 15, 2018

Whatsapp Message: 15th May

हरिओम,

वक्ताओं का वक्तत्व बड़ा
या
पूज्य गुरुदेव का सत्संग?

लीगल टीम और आश्रम मैनेजमेंट की नाकामी के बाद, पूज्य गुरुदेव को उम्र कैद की सजा सुनाने के बाद, साधको को पुनः ब्रह्मित करने के लिए आश्रम से वक्ताओं को दुबारा जगह जगह भेजा जा रहा है.

यह वक्त अपने आपको बहुत ही ज्ञानी समझते है. समिति के पैसे से कार और फ्लाइट में घूमते रहते है. ऊपर से दक्षिणा भी लेते है.

एक तरफ गुरूजी ने सिखाया है कि अन्याय सहना दुगना पाप है एवं अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहिए।

गुरूजी ने हमें यह भी सिखाया है की हम साधको को बहादुर की तरह कदम अपना आगे बढ़ाते चलना है।

वही दूसरी तरफ यह महाज्ञानी कहलाने वाले वक्ता, जगह जगह जाके साधकों को भ्रमित करते है और शांति का पाठ सिखाते है। इन वक्ताओं के हिसाब से सभी को सिर्फ जप और कीर्तन ही करना है। बाकी जोधपुर केस को और बापूजी को भूल जाये

ये वक्ता निक्कमा रहने का पाठ पढ़ाते हैं जगह जगह जाकर

आखरी में आश्रम की प्रॉपर्टी को एहि लोग आपस में बटवारा कर लेंगे.

कुछ निकम्मी समिति भी इस षड्यंत्र में सहभागी है. एहि समिति इन वक्ताओं के ऊपर पैसा खर्च करती है.

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हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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Monday, May 7, 2018

WhatsApp Messages: 7th May

हरिओम

आश्चर्य और दुर्भाग्य की बात यह है की अभी तक ना ही जोधपुर लीगल टीम से, ना ही अहमदाबाद लीगल टीम से और न ही अहमदाबाद मैनेजमेंट की तरफ से जोधपुर केस की हार की जिम्मेदारी ली गयी.

responsible वही होता है जो हार की जिम्मेदारी ले सके. लीडर वही होता है जो सबको कॉन्फिडेंस में लेके चले.

मक्कार और बेईमान लोग ही हार की जिम्मेदारी नहीं लेते है. जीत होती तो पहले श्रेय ले लेते. अहमदाबाद की लीगल टीम जोधपुर की टीम के ऊपर कोसेगी और जोधपुर की टीम अपना काला मू छुपा के गायब हो गए है.

अहमदाबाद मैनेजमेंट जिम्मेदारी का काम छोड़के व्हाट्सप्प messages को clarification देने में लगी हुई है. कितना समाया है इनके पास.

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हरिओम
आतिश रविकांत, बैंगलोर
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Wednesday, May 2, 2018

Whatsapp messages: 2nd May

हरिओम,
अपनों ने दिया धोका!

इतिहास गवाह है. जब जब अपनों ने दिया धोका तब तब अनर्थ हुआ है. कुछ उद्धरण देता हु निचे आप सभी को.

१)
a) जहा जहा सुरेश चावनके जी जाते थे वहां अपने साधक जाके मिलते थे और फोटो खिचवाते थे. इन्होने ही कई बार ट्विटर के माध्यम से आश्रम के गद्दारो के बारे में बोले है.
b) जहा जहा सुब्रमनियन स्वामी जी जाते थे वहां वहां अपने साधक जाके मिलते थे और सपोर्ट की मांग करते थे. इन्होने ही कई बार ट्विटर के माध्यम से आश्रम के गद्दारो के बारे में बोले है.
c) हाल ही में K K manen भी मीडिया में बोल चुके है की आश्रम लीगल टीम की गलती थी करके.

क्या कोई भी साधक इन सभी के पास जाके डिटेल में जानकारी लेने की कोशिश की?
क्या कोई भी साधक इन सभी के पास जाके यह जानने की कोशिश करे क्या की यह गद्दारो के बारे में क्यों बोले है और ऐसा क्या हुआ इनके साथ या ऐसा क्या पता चला इनको जिससे इनको कन्फर्म हो गया की आश्रम के अंदर गद्दार है?

यह सब जाने बिना अहमदाबाद आश्रम मैनेजमेंट और लीगल टीम की भक्ति करना सही है क्या? क्या बापूजी से बड़े, यह लोग हो गए क्या?
२)
a) लड्डा जी जैसे इतने अच्छे और वरिष्ठ वकील को किस कारणों से केस से दूर जाना पड़ा?
b) संजीव पुनाळेकर जी जैसे इतने अच्छे वरिष्ठ वकील को किस कारणों से केस से दूर जाना पड़ा?
c) स्वामी जी जैसे इतने महान वकील को किस कारणों से केस से पहले दूर किया गया?

क्या कोई भी साधक इन सभी के पास जाके डिटेल में जानकारी लेने की कोशिश की?
क्या कोई भी साधक इन सभी के पास जाके पूछने की कोशिश करे की यह केस से क्यों हैट गए?

३) में गलत हो सकता हु पर क्या यह सब लोग भी गलत है?

अंदर के धोखेबाजो से ज्यादा नुक्सान होता है. उद्धरण है
१) मीर ज़फर
२) मोहम्मद अली जिन्नाह
३) जयचन्द
४) जय गोपाल (इसके कारन भगत सिंह को फ़ासी हुई)
५) राजा मन सिंहग
६) राजू चांडक (पूर्व आश्रमवासी)
७) अमृत प्रजापति (पूर्व आश्रमवासी)

जिस केस में कोई दम नहीं, उस केस में बापूजी को उम्र कैद की सजा दिलवादी. सर्कार, मीडिया, ईसाई मिशनरीज तो पता था पर *हमे तो अपनों ने धोका दिया*

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हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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2)

हरिओम,

when we were informing everyone that chances for Bapuji arrest is high and need to do something seriously on ground
but sadhak and everyone told that it is not possible

when we were informing everyone including ashramwasi that we should fight legally to provide food to Bapuji
sadhak and everyone told that it is not possible

when our team, rahul joshi team and kunal team were informing everyone that the way case is conducting, chances of conviction is high
sadhak and everyone told that it is not possible

now we, Subramanian swamy, suresh chavanke are telling that insider played a major role in Bapuji conviction
sadhak and everyone telling that it is not possible

now we are also informing that in coming days few ashram we may loose
sadhak and everyone telling that it is not possible

now we are also informing that next target is Bharti didi,
sadhak and everyone telling that it is not possible

there are more severe damage to come in coming days
but unfortunately sadhak are living in some dilemma that still everything is fine despite Bapuji was convicted for umr kaid

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हरिओम
आतीश रविकांत, बंगलौर
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3) 
हरिओम,

अभी तक मैंने गद्दार अहमदाबाद में बैठे कुछ आश्रमवासिओ के बारे में बताया था. अभी कुछ साधको के बारे में बताता हु.

९०% साधक वो है जो घर बैठे संकल्प से, ट्विटर से, जप से चाँद को जमीन में लाना चाहते है, बापूजी को जेल से बहार लाना चाहते है, और दुश्मनो के छक्के उड़ाना चाहते है. उस युग में भगीरथ ऋषि भी संकल्प से गंगा जी को धरती पे नहीं ला सके. 

खेर, ऐसे साधको के पास सेवा के लिए सिर्फ सुबह का कुछ समय और शाम का कुछ समय ही होता है और अगर पुरे दिन की बात करे तो यह ज्यादा से ज्यादा शनिवार और रविवार ही दे सकते है वो भी हर weekend नहीं. इस ९०% साधक में कुछ ऐसे भी है जो समझदार भी है और प्रक्टिकली समझते भी है पर परिवार और ऑफिस की मज़बूरी के कारण कुछ नहीं कर पाते.

बाकी दिन में चाहे आश्रम को बम से उडा भी दिया जाये तो भी यह शनिवार या रविवार को मीटिंग करके अगले हफ्ते की शनिवार और रविवार को अहमदाबाद आश्रम से कुछ निर्देश मिले तो कुछ करेंगे नहीं तो आसारामायण का पाठ करके, महा प्रसादी ग्रहण करके बीवी बच्चों का प्रेशर सँभालने वापस घर चले जायेंगे.

हक़ीक़त में ऐसे साधको को बापूजी के केस और आश्रम से कुछ लेना देना भी नहीं होता है. अंदर और पीछे आग भी नहीं लगी होती है. यह इसी फ़िराक में बैठे रहते है की काश बापूजी या अहमदाबाद से यह सन्देश आ जाये की शांति बनाके के रखे. जिस समय यह मैसेज आ जाता है तब अंदर ही अंदर यह बहुत ही ज्यादा आनंद का अनुभव करते है. इसी को आज्ञा मानकर दुसरो को भी शांति और तत्वज्ञान देने लग जाते है और व्हाट्सप्प में यह मैसेज स्प्रेड करना इनका परम कर्त्तव्य बन जाता है.

अहमदाबाद के जो गद्दार संचालक है वो भी माहौल को शांत करने के लिए और गुमराह करने के लिए ऐसे ही साधको और समिति वालो का सहारा लेते है. इसी कारण ऐसे साधको का और कुछ गद्दार संचालको की जोड़ी खूब बनती है.

बाकी के १०% साधक जो कुछ थोड़ा प्रैक्टिकल सोच के करने के इक्छुक होते है उन्हें चारो तरफ से प्रेशर लगाके दबा दिया जाता रहा है. 

रही बात समिति की, तो ज्यादा से ज्यादा समिति भी यही चाहती है की कुछ न करे. जितना हो सके उतना कम ही करे वो भी दिखावे के लिए ताकि कोई हमारे ऊपर ऊँगली ना उठा सके की हमने कुछ किया नहीं. समिति के लोग कभी पियाओ के कार्यक्रम कर लेंगे, कभी किसी वकता के सत्संग करके पैसा बर्बाद करलेंगे, कभी महा भंडारा के आयोजन कर लेंगे, १५ अगस्त को रैली निकलवा लेंगे, कभी कभी आश्रम में जाके हिसाब किताब कर लेंगे तो कभी मिलके चर्चा (जिसका कोई सार नहीं निकला अभी तक) कर लेंगे. इस प्रकार की समिति के साथ भी यह ९०% साधक ही साथ देते है और इस प्रकार के साधको की समिति के साथ खूब बनती है.

हम ४ करोड होके मीडिया पे प्रेशर नहीं बना सके
हम ४ करोड होके पोलिटिकल प्रेशर नहीं बना सके
हम ४ करोड होके कुछ भी नहीं कर सके जिससे केस में कुछ पॉजिटिव असर हो सके 

कारण यह ९०% साधक, समिति और अहमदाबाद के कुछ गद्दार संचालक ही है.

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हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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Tuesday, May 1, 2018

Whatsapp messages: 1st May

हरिओम

नीचता की हर हद पार करते हुए गद्दार साजिशकर्ता से मिले हुए कुछ आश्रमवासी जो संचालक लेवल के है अहमदाबाद में, यह लोग अपने भक्तो के द्वारा मेरे नाम से fake मेस्सगेस बनवाके पोस्ट कर रहे है.

जितने भी मेरे मेस्सगेस है वे सब मैंने अब्ने ब्लॉग में पोस्ट किया हु.

आज से १ मई से मेरा हर मैसेज के निचे मेरे ब्लॉग की लिंक दी हुई होगी, जिसमे कोई भी जाके देख सकता है मेरा मेस्सगेस.

बाकी मेरे नाम से सभी फेक मैसेज को मेरा मानने की गलती ना करे

https://athishravikanth.blogspot.in/

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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whatsapp messages from 25th April to 30th April


1)
हरिओम,
पूज्य गुरजी के चरणों में शष्तांग नमन करते हुए २५ अप्रैल २०१८ को जोधपुर केस के निर्णय के संदर्भ में कुछ तत्थया और कुछ अनुमान आप सभी गुरु भाई और गुरु बेहेन के साथ शेयर कर रहा हूं।

२५ अप्रैल को दो ही निर्णय आएंगे
१) पूज्य बापूजी निर्दोष साबित होंगे
२) पूज्य बापूजी को दोषी करार दिया जाएगा

१) अगर निर्दोष साबित होते है तो ९९% पूज्य बापूजी को अहमदाबाद की पुलिस साबरमती जेल लेके जाएगी

२) अगर षडयंत्र के चलते दोषी करार देंगे तो अपने आप में एक बहुत ही शोक और चिंता का विषय बन जाएगा।
चिंता का विषय इसीलिए बन जाएगा क्यूंकि हमारे दुश्मन और गद्दार की जीत हो जाएगी और उनका अगला कदम
१) आश्रम पे इनकम टैक्स की रेड पड़वाना
२) आश्रम को बंद करवाना
३) आश्रम को सरकार के हवाले करवाना
४) आश्रम की प्रॉपर्टी हड़पना
५) असमाजीक तत्वों द्वारा आश्रम में हमला करवाना इत्यादि

याद रखे, दुश्मनों के पास पैसे का बल है, सरकार का पक्ष है और प्लैनिंग करने वाले काफी शातिर है।
पैसे के बल पर पुलिस और लोअर कोर्ट के जजों को भी खरीदा जा सकता है।
उदहारण: १) हालही में सलमान खान को सजा सुनाते है सभी जजों का तबादला हो गया। बाद में उसको बैल मिल गई २) भारती दीदी और माईया जी का बैल होते से उस जज की बदली हो गई। इस प्रकार के कई उदहारण है जो आप गूगल करके देख सकते है।

अब सवाल यह उठता है की, अहमदाबाद आश्रम मैनेजमेंट ने
१) टैक्स संबंधी सभी फाइलिंग करली है?
२) सभी आश्रमों की जमीन के कागज पक्के करा लिए है?
३) असामजिक तत्वों से लडने के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग ले चुके है?

एक कहावत है, prepare for the worst and hope for the best

 क्या आश्रम मैनेजमेंट worst की तयारी कर चुके है?
अगर इनकम टैक्स की रेड पड़ती है या आश्रम की प्रॉपर्टी पर आंच आती है तो इसकी अनहोनी की जिम्मेदारी अहमदाबाद आश्रम मैनेजमेंट लेगा?

इस प्रकार के विचार में में उठ रहे है। अगर यह मैसेज घूमते घूमते अहमदाबाद मैनेजमेंट वालो तक चला जाए और कोई भी सेवा के लिए उचित समझे तो कृपा बताइएगा।

कृपा इस मैसेज को positively ले।

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल: +91 9663978686
WhatsApp: +91 9945969917
Email: athishravikanth@gmail.com

2)
हरिओम,
पूज्य गुरजी के चरणों में शष्तांग नमन करते हुए २५ अप्रैल २०१८ को जोधपुर केस के निर्णय के संदर्भ में कुछ तत्थया और कुछ अनुमान आप सभी गुरु भाई और गुरु बेहेन के साथ शेयर कर रहा हूं।

२५ अप्रैल को दो ही निर्णय आएंगे
१) पूज्य बापूजी निर्दोष साबित होंगे
२) पूज्य बापूजी को दोषी करार दिया जाएगा

१) अगर निर्दोष साबित होते है तो ९९% पूज्य बापूजी को अहमदाबाद की पुलिस साबरमती जेल लेके जाएगी

२) अगर षडयंत्र के चलते दोषी करार देंगे तो अपने आप में एक बहुत ही शोक और चिंता का विषय बन जाएगा।
चिंता का विषय इसीलिए बन जाएगा क्यूंकि हमारे दुश्मन और गद्दार की जीत हो जाएगी और उनका अगला कदम
१) आश्रम पे इनकम टैक्स की रेड पड़वाना
२) आश्रम को बंद करवाना
३) आश्रम को सरकार के हवाले करवाना
४) आश्रम की प्रॉपर्टी हड़पना
५) असमाजीक तत्वों द्वारा आश्रम में हमला करवाना इत्यादि

याद रखे, दुश्मनों के पास पैसे का बल है, सरकार का पक्ष है और प्लैनिंग करने वाले काफी शातिर है।
पैसे के बल पर पुलिस और लोअर कोर्ट के जजों को भी खरीदा जा सकता है।
उदहारण: १) हालही में सलमान खान को सजा सुनाते है सभी जजों का तबादला हो गया। बाद में उसको बैल मिल गई २) भारती दीदी और माईया जी का बैल होते से उस जज की बदली हो गई। इस प्रकार के कई उदहारण है जो आप गूगल करके देख सकते है।

अब सवाल यह उठता है की, अहमदाबाद आश्रम मैनेजमेंट ने
१) टैक्स संबंधी सभी फाइलिंग करली है?
२) सभी आश्रमों की जमीन के कागज पक्के करा लिए है?
३) असामजिक तत्वों से लडने के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग ले चुके है?

एक कहावत है, prepare for the worst and hope for the best

 क्या आश्रम मैनेजमेंट worst की तयारी कर चुके है?
अगर इनकम टैक्स की रेड पड़ती है या आश्रम की प्रॉपर्टी पर आंच आती है तो इसकी अनहोनी की जिम्मेदारी अहमदाबाद आश्रम मैनेजमेंट लेगा?

इस प्रकार के विचार में में उठ रहे है। अगर यह मैसेज घूमते घूमते अहमदाबाद मैनेजमेंट वालो तक चला जाए और कोई भी सेवा के लिए उचित समझे तो कृपा बताइएगा।

कृपा इस मैसेज को positively ले।

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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3)
abhii banalo trend twitter mein taaki ho sake Bapuij bahar aa jaye,
abhi karlo Rishi prashad ke 1 lac memeber taaki Bapuji bahar aa jaye
abhi karlo MPPD 1 lac school mein taaki Bapuji bahar aa jaye.
abhi karlo sankalp taaki Bapuji bahar aa jaye
abhi karlo mala taaki Bapuji bahar aa Jaye
Abhi karlo rally taaki Bapuji bahar aa jaye
abhi karlo sharbat vitran taaki Bapuji bahar aa jaye
abhi karlo bhandara taaki Bapuji bahar aa jaye

4 saal se bol bol ke thak gaya ki yeh type ki sewa se abhi kuch nahi hoga. is type ki sewa ke saath saath jo samay ki mang hai uske anusaar sewa karna jaruri tha.
samay ke sath sath sewa bhi badalti hai. par finally gaddar ka label lagadiya

Hamare napunsak YSS ke leadero ne bhi desh ke yuva ko gumrah karne ka bahut bada yogdan diya hai.

jis yuva ko system se panga lena tha unke haath mein sarbat ka mug pakadwa diya
jis yuva ko christian missionaries se panga lena tha unko twitter ki sewa de di gayi
jis yuva ko communist se ladna tha unko apas ke sadhak se ladwa diya
jis yuva ko andolan ke liye sadkope pe utarna tha unko parche batne mein lagwa diye

ab rone se kaam nahi chalega.

hum bhagatde hai aur iska certificate bhi hume kal mil gaya.

4)
till today,
1) no one from ashram or legal team has not taken any responsibility on this failure.
2) not even one responsible person has guts to reply all queries of all sadhak who have multiple question to ask from management.

atleast one channel should be open to communicate with ashram so that all sadhak from india and abroad can answer queries of all sadhak regarding legal failure. Note: I am not talking about STD of ahmedabad ashram who respond and just transfer the call without listening complete version or ours.

5)
Sabhi ashram ke sanchalako se vinti

1) tax sabbandith sabhi audit ka paper apne local ashram mein ready rakhe. maximum local sanchalak ka kehna hai ki pura account ahmadabad ashram dekhta hai. agar achanak se koi local tax officer raid dalta hai to kya ahmadabad walo se puchte baithoge kya?
2) kai ashram ke bank account already seize ho chuke hai. to jitna ho sake bank se paisa withdraw kar lijiye nahi to account ke saath saath jo balance hai wo bhi seize ho jayega.
3) ashram ki jamin ke paper ready rakhe.

upar ke kaam sankalp, leela leela aur shanti banaye rakhne se nahi hoga. practical karna padega.  kuch jimmedari bhi banti jise pura kare.

Athish Ravikanth
Bangalore

6)
Conviction ke baad jail ke andar se satsang karwana, iske piche ka rahasya

1) jail ke andar se karwan bole to yeh BJP ke support se nahi ho sakta.

2) abhi kyu jarurat padi is satsang ki jabki ashram wasio ki vaat lagne wali hai

3) sidha connection yeh hai ki, ashram ke gaddar BJP walo se mile hue hai aur BJP wale nahi chahte ki Bapuji bahar aaye. Isikaran BJP walo ko gaddar ki jarurat hai aur gaddar ko apna jaan pyari hai.

4) isiliye yeh gaddar aur BJP ki setting ke dwara ek shadyantr kiya jaa raha hai jisme Bapuji ko bhi black mail kiya jaa raha hoga. Bapuji sadhako aur ashram ko bachane ke liye wahi bolenge Jo BJP aur gaddar chahte hai.

5) jail ke andar se satsang MATLAB aage ki legal karwai mein bhi problem ho sakti hai.

6) Rajasthan mein bhi BJP hai aur kendr mein bhi.

7) ashram ke gaddaro ka kaam pura nahi hua hai. Property hadape nahi hai, paisa hadpe nahi hai isiliye yeh ek lambi chal rachi jaa rahi hai.

8) yeh message video satsang shuru hone ke pehle likha hu aur iski puri puri jimmedari mein le raha hu

Athish ravikanth, Bangalore
Cell & WhatsApp : 9663978686

7)
कोई भी बड़ी संस्था या मदिर को सर्कार अपने कब्जे में कैसे लेती है इसकी कुछ जानकारी देदू आप सभी को

सबसे पहले सर्कार अपने किसी बड़े अफसर को एडमिनिस्ट्रेटर या रिसीवर के तौर पे ट्रस्टी के ऊपर अप्पोइंट कर देगी जो की अगले ५ से ६ महीने में संभव है.

एक बार जब सर्कार का एडमिनिस्ट्रेटर आ जायेगा तो कितना पैसा सर्कार को जायेगा, कितना ट्रस्ट में रहेगा और कब कौन सा प्रोग्राम करना या नहीं करना, किस्से क्या खरीदना है और किसको कितना पेमेंट करना है, हमारे गुरु भाइयो का पैसा कैसे इस्तेमाल करना है, कौन आश्रम में खाना खायेगा और कौन नहीं आदि आदि सब सर्कार के कण्ट्रोल में आ जायेगा. फिर आप सभी आराम से ट्विटर पे ट्रेंड बनाते रहना और ऋषि प्रसाद का मेंबर बनाते रहना.

वैसे भी अभी कुछ आश्रम के अकाउंट को सर्कार ने सिज़े कर दिया है. इस बात को खुद अहमदाबाद आश्रम भी काबुल करेगा. अगर विश्वास नहीं होता है तो अहमदाबाद आश्रम फ़ोन करके पूछ लीजिये या मुझे चैलेंज कीजिये.

इसके कुछ महीने बाद सर्कार का वो एडमिनिस्ट्रेटर कई आश्रम को लीज में दे देंगे या बेच देंगे यह कह के की यह ट्रस्ट या यह आश्रम प्रॉफिटेबल नहीं है.

यह सब कानून के दायरे के अंदर होगा और आप सभी संकल्प करते रह जायेंगे. यह सब होने में करीब करीब १२ से १८ महीने के अंदर एक एक करके आश्रम को बंद करना चालू हो जायेगा.

फिर आप सभी जप, हवन और शरबत वितरण करते रहना.

अगर ट्रस्ट या आश्रम नुक्सान में जाते है तो सर्कार का एडमिनिस्ट्रेटर सब कुछ बेच के ख़तम भी कर सकता है. सर्कार का भरोसा नहीं और अनहोनी २००८ से देख ही रहे ही हम सब.

फिर आप सभी कहना की शांति बनाये रखे, यह सब बापूजी की लीला है.

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
Email: athishravikanth@gmail.com

8)
हरिओम

शुरुआत से बोल रहा था की दुश्मनो को पहचानो और एक लम्बी लड़ाई लड़ो . दुश्मन बोले तो कम्युनिस्ट, एंटी-हिन्दू , क्रिस्चियन मिशनरीज, कांग्रेस और बीजेपी. मगर मंदबुद्धि के साधक उल्टा सवाल करते थे की क्या इससे बापूजी बहार आ जाएगने?

अभी देख लीजिये कैसे संभाजी ब्रिगेड वाले आश्रम को बंद कर रहे है. कल को एहि लोग कोर्ट में पतीतों लगाएंगे की सभी आश्रम को बंद किया जाये. फिर क्या करेंगे आप लोग?

अहमदाबाद आश्रम की बेवकूफी, युवा सेवा संग के लीडर की महा बेवकूफी और मंदबुद्धि साधको द्वारा यह सब हो रहा है. जब कुत्तो को आंख नहीं दिखाया जाये तो कुत्ते का पूरा खानदान पीछे पड़ता है. वैसे ही यह छोटे छोटे ग्रुप, जिनकी संख्या २०० या ३०० है, यह लोग आश्रम को बंद करवाने में हमसे आगे है. हम सिर्फ नाम से करोड़ो में है पर हम किसी काम के नहीं.
सनातन संस्था को देखिये. यह मात्र ५००० साधक है पर सर्कार, मीडिया, कम्युनिस्ट इनसे कैसे डरते है. हम करोड़ो में भी हो के कोई काम के नहीं.

अब करलो ऋषि प्रसाद वितरण, शरबत वितरण, बाइक रैली, और बाकी की सेवा. समय समय के अनुसार सेवा का तरीका भी बदलता है पर हम ट्विटर से दुश्मनो को हारने में लगे थे.

अब संकलप से इन असामाजिक तत्वों को हारने का प्रत्यन करे सभी.

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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9)
हरिओम

सुनने में आ रहा है की सूर्पणखा नीता वैद आज बैल एप्लीकेशन लगाने वाली है. यह एक बहुत बड़ा सडयंत्र है आश्रम वालो का. १००% यह बैल एप्लीकेशन रिजेक्ट होने वाली है.

यह दवा और चूरन बेचने वाले लीगल का काम करेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब बापूजी के लिए कुछ करने का स्कोप ही न बचे. आप सभी से हाथ जोड़के प्राथना है की कैसे भी करके आश्रम के ऊपर प्रेशर लगाओ और इस सूर्पणखा को कोई भी एप्लीकेशन हाई कोर्ट में लगाने से रोको.

नहीं तो शांति बनाये रखने से कुछ होने वाला नहीं है. अहमदाबाद वाले तो चाहते ही है की आश्रम की जमीन सर्कार के कब्जे में आ जाये और बापूजी कभी हमारे बिच न आये.

बाकी आप लोगो की मर्जी.

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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10)
हरिओम

अहमदाबाद आश्रम के कुछ मुख्या गद्दार के नाम निचे दे रहा हु.
१) राम भाई, ४ नंबर कमरा वाला हरामी
२) विकास खेमका, लीगल
३) निशांत, लीगल
४) वाणी, महा गद्दार
५) नीता, सूर्पणखा
६) आश्विन बुद्धा, लीगल
७) शोभाराम, आश्रम संचालक, नागपुर
९) उदय संगनी,
१०) के डी पटेल, लीगल

लिस्ट अभी बहुत है. थोड़ी थोड़ी शेयर करता रहूँगा.

इस पोस्ट की में पूरी पूरी जिम्मेदारी ले रहा हु

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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11)
हरिओम

कहा गए सभी वक्त जो साधको को ४ साल से ब्रह्मित करके रखे थे. कितना पैसा साधको का इन्होने बर्बाद किया तात्विक सत्संग के बहाने. अब किधर है यह तात्विक सत्संग करने वाले?

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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12)
हरिओम

आज की डेट में हम बैक फुट में है. मीडिया अभी जो बोलेगा उसे आप और हम चैलेंज भी नहीं कर सकते है.
एक तरफ सर्कार अपने आश्रम को बंद करने के लिए कमर कास रही है तो

दूसरी तरफ बापूजी कभी भी बहार नहीं आये इसके लिए लीगली भी बहुत गन्दा केस चलवाया जा रहा है हमारे आश्रम के गद्दार द्वारा. ऊपर से मीडिया भी कोई कसर नहीं छोड़ रही है. कम्युनिस्ट वाले और ईसाई मिशनरीज को अच्छा मौका मिला है की हमे वो अब सीधा अटैक करे.

हमारे पास अभी कुछ ज्यादा नहीं बचा है पर फिर भी कुछ शार्ट टर्म स्ट्रेटेजी है और लकुच लॉन्ग टर्म स्ट्रेटेजी है. लॉन्ग टर्म स्ट्रेटेजी यहाँ नहीं कहूंगा. शार्ट टर्म स्ट्रेटेजी यह है की
१) आपके एरिया में जिस मीडिया में बापूजी के खिलाड़ कुछ गलत बताया है उस एडिटर का नाम भी निचे दिया होता है.
२) हर उस एडिटर के पास जाये और केस का पेपर दे और उसको कॉन्फिडेंस में लीजिये. हर एडिटर हिन्दू विरोधी नहीं होता है. आपको कही न कही हमारे सपोर्ट में भी एडिटर मिलेंगे. प्रॉब्लम यह है की हम आज तक एप्रोच ही नहीं किये है. ४.५ साल से बोल रहा था अपने युवा भाइयो को यह करने के लिए पर उनको तो शरबत वितरण और संकल्प में ही मजा आ रहा था . इससे लॉन्ग टर्म में आपके सम्बन्घ अचे होंगे मीडिया वालो से कर अगर उनको कुछ भी आगे जानकारी चाहिए तो वे आपको संपर्क करेंगे. सब काम अहमदाबाद आश्रम के भरोसे मत छोड़िये. वह पे समझदार लोग ज्यादा है भी नहीं और क़ाबलियत भी नहीं रखते है इस टाइप की सेवा का. कुछ जिम्मेदारी अपने ऊपर भी लीजिये. अगर लीगली कैसे बात करना है मीडिया वालो से और कौन कौन का डॉक्यूमेंट देना है तो यह में आपको बता सकता हु डिटेल में. हलाकि ४०० पेज का जजमनेट आप खुद पद लेंगे तो भी आपको समझ में आ जायेगा. याद रखे, जो अच्छे एडिटर है उनके पास पॉजिटिव न्यूज़ जाती नहीं है हमारी तरफ से इसीलिए वे भी नेगेटिव डालते है.
३) ऐसे कई नेता है जो हिन्दू के पक्ष में है. और सभी नेता को हर तरफ से नेगेटिव न्यूज़ ही जाती है तो बेचारे अचे हिन्दुत्वादी नेता ही कुछ नहीं बोलते. काम से काम ऐसे नेता से जाके मिले और उनको केस के बारे में समझाए और डॉक्मेंट दे के आये. इससे आने वाले समय में फयदा भी होगा और कब और कैसे यह काम आ जाये. हिन्दुत्वादी नेता की लिस्ट बनी हुई है और इनसे हमलोग मिलके भी आये है. अच्छा पॉजिटिव रिस्पांस मिला था.
४) ऐसे कई सेलिब्रिटी है जो हिन्दू के पक्ष में बोलते है पर २५ का जजमेंट आने के बाद वो भी बापूजी के बारे में बुरा भला बोलना शुरुर कर दिए है. जैस अशोक पंडित. इनकी सूचि बनके इनको कॉन्फिडेंस में लेने की सेवा करे.
५) ऐसे कई साधु संत है जिन्हे हम एप्रोच ही नहीं करते सही ढंग से. उनसे भी जा के मिले और उन्हें सचाई बताये और डॉक्यूमेंट दे के आये.

सभी साधक लीगल की सेवा नहीं कर सकते परन्तु अपने अपने एरिया में इतना तो कर ही सकते है. और ज्यादा डिटेल चाहिए जैसे कैसे बात करना है और कैसे प्लानिंग करे इस सेवा की तो आप मुझे कॉल कर सकते है. पर ख़ुशी की बात यह होगी की आप लोग आपस में एक ग्रुप बनके प्लानिंग करके इस सेवा को अंजाम दीजिये.

अब यह मेट कहना की यह सब करने से क्या बापूजी बहार आ जायेंगे. वैसे भी सुप्रचार करने से, ट्विटर सेवा करने से, शरबत वितरण करने से बापूजी बहार नहीं आने वही पर इस सेवा से एक ओपिनियन कुछ हद तक बदल सकती है.

आज कल की लड़ाई भला लेके लड़ने की नहीं है. ४थ स्ट्रैटर्जी की वॉर लड़ी जाती है. पहले ओपिनियन बदला जाता है देश का फिर सर्कार को प्रेशर बनाया जाता है फिर क़ानून पास किया जाता है और ओपिनियन चेंज करने में NGO का बहुत बड़ा रोले होता है. उद्धरण के लिए रांड शीला रशीद को ही देख लीजिये. कैसे मुठी बार लोग पूरी सरकार को हिला के रख रहे है. इसीलिए थोड़ा प्रैक्टिकल होना पड़ेगा आप सभी को और भाव में आके कुछ करने से कुछ नहीं होगा.

बाकी आप लोगो की जो मर्जी है वही करे.

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
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13)
हरिओम

पुणे में संभाजी ब्रिगेड वाले आकर धमकाके गये है की 2 दिन मे बंद करो नहीं तो फिर आयेंगे

25 एप्रिल ला आमचे गुरुदेव संत श्री आसारामजी बापूंना जोधपूर सत्र न्यायालयाने शिक्षा सुनावली असली तरी आपल्या संविधानानुसार बापूजींतर्फे लवकरच या निर्णयाला जोधपुर उच्च न्यायालयात आव्हान देण्यात येणार असून तिथे न्याय मिळेल असा आम्हाला विश्वास आहे.हे प्रकरण न्यायप्रविष्ट असताना संभाजी ब्रिगेडसारख्या संघटना आश्रम बंद करावेत अशी बेकायदेशीर मागणी करत आहेत.हा धोका लक्षात घेता पोलिसांनी आश्रमाला संरक्षण द्यावे तसेच कुठल्याही संघटनेला बापूजींविरुद्ध आंदोलन करण्याची परवानगी देण्यात येऊ नये ही नम्रविनंती.

ये बनाकर पुरे महाराष्ट्र मे दे रहे है ताकी सब पुलिस को अर्जी दे

आश्रम वालो की क्या स्ट्रैटर्जी है अपना आश्रम बचाने में?

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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14)
हरिओम

१) अहमदाबाद आश्रम ने ४.५ साल में एक भी बार पूज्य बापूजी पर लगाए गए गंभीर इलज़ाम का अभी तक खंडन नहीं की है. २०१३ से २०१५ तक मीडिया ने इतना गन्दा बोलै पर कभी भी किसी भी मीडिया के खिलाफ न ही प्रेस कांफ्रेंस किये है और नहीं ही कोई प्रेस नोट निकालें है.

२) इतना बड़ा षड्यंत्र, अपने आश्रम के गद्दारो के बिना, क्या सर्कार बापूजी को कानूनी फसा सकती है क्या? उत्तर है नहीं. जब पता है की सब पार्टी हमारे विरोध में है तो फिर बीजेपी से अपने आश्रम वालो को इतना प्यार क्यों? पूज्य बापूजी बड़े या बीजेपी बड़ी?

३) जब किसी ने फेक आश्रम का लेटर हेड पे बीजेपी और जस्टिस लोहा का जिक्र करके सोशल मीडिया में पोस्ट किया तो तुरंत अहमदाबाद आश्रम की तरफ से दूसरा प्रेस नोट जारी करके बीजेपी को खुश करने की कोशिश की जाती है और यह कहा जाता है की दूसरा वाला प्रेस नोट फेक है.

४) वो फेक प्रेस नोट में अगर बीजेपी का विरोध हुआ है तो मेरे हिसाब से बिलकुल सही है. और कितना बिगाड़ेंगे यह लोग. सब कुछ तो हमारा ख़तम कर दिया इन बीजेपी वालो ने. कांग्रेस ने शुरू किया और बीजेपी वालो ने वही कंटिन्यू किया.

५) पूज्य बापूजी को सजा हो जाने के बाद यह लाजमी था की साधक का आक्रोश गद्दार आश्रमवासिओ और लीगल टीम पे होगा. इन्होने अपने बचाव में वो कर दिया जो पिछले ४.५ साल में नहीं कराया.

६) पिछले ४.५ साल में अपने अहमदाबाद आश्रम और बाकी के संचालको को पूज्य बापूजी का सत्संग सुनने की इच्छा नहीं हुई. एक भी बार लाइव सत्संग नहीं करवाया इन्होने ताकि साधको को थोड़ी रहत मिलती. पर अभी, जब सजा हो चुकी है, उसके बाद जेल से लाइव सत्संग करने की क्या जरुरत पद गयी?

७) अगर पूज्य बापूजी का २७ अप्रैल का सत्संग गौर से सुनेंगे तो पता चलेगा की पूज्य बापूजी उस फेक लेटर हेड के खिलाफ बोल रहे है जिससे बीजेपी नाराज न हो और आश्रमवासिओ और लीगल टीम के पक्ष में बोल रहे है जिससे इन्हे साधको से प्रेशर ना हो.

८) बीजेपी को आज भी डर है की अगर बापूजी के साधक एक हो गए तो हमारा सिक्का नहीं चलेगा. इसीलिए बीजेपी वालो ने अहमदाबाद आश्रम वालो को संपर्क किया होगा, उनके ऊपर प्रेशर बनके बापूजी से यह सत्संग करवाया है जिससे साधक बीजेपी का विरोध न करे और साथ में आश्रमवासिओ और लीगल टीम की बैंड भी न बजे.

९) इसका और एक मतलब निकलता है की हमारे गद्दार बीजेपी से मिले हुए है और जब तक यह पूरा आश्रम ख़तम नहीं करदेंगे तब तक आश्रम में बैठ कर फ्री की रोटी तोड़ते रहेंगे.

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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15)
हरिओम

पूज्य बापूजी जेल की रोटी खा रहे है और गद्दार आश्रम वासी आश्रम से घी की रोटी खा रहे है. यह दिन भी आ गया.

आश्चर्य की बात यह है की २ करोड बापूजी के साधक लीला लीला करके, आश्रम के भगत बांके घर में बैठे है.

वह क्या गुरु भक्ति है, कितनी समता है साधको की. सबको अब बापूजी की कुर्बानी होते ही, पूरा आश्रम बेचते ही सब को साक्षात्कार हो जायेगा.

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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16)
हरिओम

डॉ.प्रेमजी की ऑडियो क्लिप के हिसाब से, सभी महापुरुष कुर्बान हुए है तो बापूजी भी कुर्बान हुए है और हमें कुछ चिंता करने की जरुरत नहीं है और कोई बड़ी बात नहीं है.

डॉ. प्रेमजी के हिसाब से कुछ भी न करे साधक, सिर्फ माला, संकल्प, शरबत वितरण, ऋषि प्रसाद वितरण.

आश्रमवासी अपनी बचाने की लिए बापूजी का लाइव सत्संग करवादिया, डॉ.प्रेमजी का ऑडियो क्लिप स्प्रेड करवादिये, और आने वाले दिन में बापूजी के लेटर भी आश्रमवासी के फेवर में एहलोग spread करेंगे.

८०% साधक को अभी वापस normal लाइफ जीना शुरू कर दिए है बापूजी का लाइव सत्संग आने के बाद. जो साधक बापूजी की उम्र कैद हो जाने के बाद सो गया, वो साधक साधक नहीं , साधक ने नाम पे भगतड़े ही है.

हमे हमेशा से सिखाया गया की जुल्म करना पाप है और जुल्म सहना दुगना पाप है. गद्दार आश्रमवासी, पूज्य बापूजी को उम्र कैद हो जाने के बाद डॉ.प्रेमजी से और बापूजी से कुछ का कुछ बुलवा के सहदाक को गुमराह कर रहे है. आप सभी को याद होगा की बापूजी २०१३ में कई बार बोले है की "में २० दिन में बहार आ जाऊंगा" "में एक महीने में आ जाऊंगा" आदि आदि. पर पूज्य बापूजी नहीं आये.

सवाल यह उठता है की अगर नहीं आये तो फिर बापूजी ने ऐसे क्यों बोले? ऐसा इसीलिए बोले की पूज्य बापूजी को जैसा बोलै जाता है पूज्य बापूजी वैसे बोलते थे मीडिया के सामने.

पूज्य बापूजी को गलत गलत information दिया जाता है और कुछ प्रेशर भी किया जाता है. जिसका खुलासा आने वाले दिन में डिटेल में करूँगा.

बाकी जो सोये हुए साधक है, उनको सोने दे. जो बिखरे हुए युवा है, उनको भी छोड़ दे. क्यूंकि यह अभी नहीं जगे तो कभी नहीं जगे.

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
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17)
हरिओम

बहुत सारे पुराने आश्रम वासी और पुराने साधक को पता होगा की यह आज्ञा का क्या खेल है. जिसे अगर नहीं पता है तो थोड़ा जानले.

अपनी अपनी मति के हिसाब से जो भी कोई पूज्य बापूजी के पास जाते है कोई भी प्रोजेक्ट लेके, ९९% उसको बापूजी की आज्ञा मिल जाती है क्यूंकि बापूजी सामने वाला का मनोबल तोडना नहीं चाहते बल्कि उसका हौसला बढ़ाते है.

जिसने आज्ञा लिया है, उसको दुश्मन या कोई विपरीत प्रोजेक्टड बापूजी के पास लेके जाते है, तो पूज्य बापूजी उसको भी ९९% आज्ञा दे देते है.

यह आज्ञा का हवाला दे देके हरामी आश्रमवासिओ ने अपने अपने मतलब का कार्य करवाया है साधको से आज तक.

उद्धरण के लिए, अगर एक साधक जाता है पुजाय बापूजी के पास यह आज्ञा लेने के लिए की फलाना आश्रम में एक गेट लगवाना है, तो पूज्य बापूजी उसको आज्ञा दे देंगे. फिर यह बाँदा आज्ञा का हवाला दे के साधको से या समिति वालो से पैसा लेके करवाने की कोशिश करेगा पर उसी वक़्त अगर कोई दूसरा गुरुभाई जो इससे वेर रखता है, वे बापूजी के पास जाके यह बोलेगा की बापूजी फलाना फलाना प्रॉब्लम आएगी इस गेट के लगवाने से तो बापूजी गेट नहीं लगवाने की लिए भी आज्ञा दे देंगे. इस प्रकार से यह सभी करते है आश्रम में.

अपने मैक्सिमम आश्रम वासी अनपढ़ है, पर काफी आश्रमवासी ऐसे है जो अनपढ़ होने के बावजूद भी कोई अहंकार नहीं है और वे अपना घर छोड़ के आये है आत्मसातशातकर के लिए. पर ऐसे हरामी आश्रमवासिओ की भी बहुत ज्यादा संख्या है जो अनपढ़ है, जिनको ज्ञान से कोई लेना देना है और कोई वेवहारिक ज्ञान भी नहीं hai. यहाँ आश्रम में पैसा कमाने का जरिया देखते है, गुठ बाजी करते है, और फ्री की रोटी तोड़ते है. ऐसे आश्रम वासिओ के द्वारा कुछ भी सेवा नहीं होती है. सिर्फ दिखावा होता है.  ऐसे नालायक और गद्दार आश्रमवासी की लिस्ट भी जल्दी शेयर करूँगा आपके सभी के साथ.

इनका अहंकार भी बहुत होता है. यह अज्ञानी भी बहुत होते है. पर बापूजी की कृपा से इन्हे सेवा मिलती है उसके कारन इन्हे बहार के साधक इज्जत भी करते है.

हक़ीक़त यह है की अगर यह आज आश्रम छोड़ के बहार चले गए तो इनको भिक मांगने के अलावा या मजदूरी करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होगा. यहाँ आश्रम में फ्री की रोटी खाने मिलती है, रहने को आश्रम भी मिलता है, और सफर करने की लिए किराया का पैसा भी मिलता है. ऊपर से साधक से इनको इज्जत भी मिलती है जिसके यह लायक नहीं है. अगर बहार गए तो यह सब कुछ नहीं मिलेगा.

इस प्रकार का आज्ञा का खेल होता है आश्रम का. अगर विश्वास नहीं होता है तो किसी ईमानदार पुराने आश्रमवासी से या पुराने ईमानदार साधक से पूछिए की में गलत हु या सही हु.

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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18)
हरिओम

साधु के वेश में आप और हमने कई साधु को हरिद्वार, ऋषिकेश, और आदि आदि तीर्थ स्थानों में देखा होगा. आप सब को पता होगा की हर साधु के वेश में रहने वाला साधु नहीं होता. कोई भोले भले भक्तो को अपने कण्ट्रोल में रखके उनसे पैसे कामना की कोशिश कर रहा है तो कोई नशा खोर है तो कोई भंडारे का मुफ्त का खाना खा रहा है (पूज्य बापूजी ने एक सत्संग में बताये थे की अगर ईश्वर के लिए साधना नहीं कर रहे हो और भंडारा में या और कही फ्री का खा रहे हो तो पुण्य नष्ट होता है.) तो कोई लड़की बाज़ है तो कोई अपना नाम कमाने की कोशिश में है तो कोई संगीन जुर्म करके मज़बूरी में साधु का वेश भूसा धारण किया है .

बिलकुल इसी प्रकार हमारे आश्रम में भी कई ऐसे आश्रमवासी है जो ऊपर दिए ढोंगी साधु की तरह ही है. कोई भोले भाले साधको को भड़का के अपना एक ग्रुप बनके सब कुछ कण्ट्रोल करना चाहता है तो कोई पैसा कमा रहा है तो कोई नशा कर रहा है तो कोई आश्रम में सेक्स कर रहा है तो कोई आश्रम वासी हो के महिला को गर्ब्वती बना रहा है तो कोई आश्रम के अंदर इंटरनेट में सेक्स देख रहा है तो कोई अपना नाम कमाने की कोशिश कर रहा है तो कोई जुर्म करके आश्रमवासी बना है.

नोट: पूरा प्रूफ है मेरे पास जो भी मैंने बोलै हु ऊपर. कोई भी चैलेंज कर सकता है मुझे. स्वागत है आप सबका.

तात्पर्य यह है की ऐसे आश्रमवासिओ के करण ही आज बापूजी जेल में है और आजीवन कारावास हुआ है. अध्यात्म का कोई लेना देना नहीं है और ऊपर से फ्री का खाते है इसीलिए इनकी बिध्दि मारी गयी है. उद्धरण के लिए राजू चांडक एक आश्रम वासी था, प्रजापति आश्रम वासी था, और जिसने केस किया है साईजी पे, वो भी आश्रम वासी थी और ऐसे कई उद्धरण है. यह सब कोई बहार से नहीं आये है. यह सब आश्रम का सात्विक खाना खाते थे फिर भी आश्रम के खिलाफ साजिश रचते थे और रच रहे है.

जिनकी दो कौड़ी की हैसियत नहीं वो आज करोड़ो में बात कर रहा है और साधको का पैसा सेटिंग के बहाने उड़ा रहा है.

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
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19)
coming soon......