Pages

Wednesday, May 23, 2018

Whatsapp Message: 23rd May

हरिओम,

नासिक आश्रम के सम्भन्ध में!

अगर हमारे घर का या हमारे अपनी जमीन का 1 SQFT भी हमसे चला जाता तो उसको बचने के लिए हम १० हाथी का बल लगा देते. कोर्ट केस कर देते या और कोई बल से जमीन को हाथ से जाने नहीं देते. जब यह जमीन हमारी खुद की होती है और अपने पैसे से खरीदी हुई होती है तो रातो की नींद उड़ जाती और दिन का चैन. जमीन के मामले में तो कईयों को दिल का दौरा भी पड चूका है.

ऐसे में जब नासिक आश्रम को तोडा जा रहा था तो कुछ अहमदाबाद आश्रम के संचालको के चमचो द्वारा इस बात का प्रचार किया जा रहा था की
"जमीन अवैध थी"
"कई बार नोटिस भी आ चूका था इस जमीन के खिलाफ"
"यह जमीन तो आज नहीं तो कल जानी ही थी." आदि आदि

इतने में मन भरा नहीं चमचो का तो तात्विक सत्संग द्वारा इस भारी नुक्सान को एक लीला का रूप देना शुर कर दिया गया, जैसे:
"बापूजी का वचन था की यह ashram नहीं रहेगा, टूट जायेगा"
"बापूजी का वचन है की यह एक बड़ा सेंटर बनेगा भविष्य में"
"बापूजी की यह सब लीला है और यह सब होना ही था तो इसमें चिंता होने की जरुरत नहीं है" आदि आदि

मेरा सवाल यह है की:
जब जमीन अवैध थी तो इस्पे अतिक्रमण किया ही क्यों गया?

आश्रम का कुछ भी construction का काम होता है तो स्थानीय समिति, स्थानीय आश्रम संचालक और अहमदाबाद मैनेजमेंट का हाथ होता है. जब बापूजी ने पहले ही कह दिए थे की यहाँ आश्रम टूटेगा और आज्ञा नहीं दी तो फिर समिति, स्थानीय आश्रम संचालक और अहमदाबाद मनमेजेंट ने अतिक्रमण किये ही क्यों? क्या इससे यह सिद्ध नहीं होता है की पहले से ही अहमदाबाद मैनेजमेंट, स्थानीय संचालक और समिति अपनी मर्ज़ी से काम कर रहे है और इसे बापूजी की आज्ञा और सेवा का रूप देके सभी को ब्रह्मित कर रहे है जैसे अभी कर रहे है?

या तो अहमदाबाद मैनेजमेंट और स्थानीय संचालक सभी गुरु परिवार को यह स्पष्ट करे की इस construction की आज्ञा पूज्य गुरुदेव ने ही दी थी.

२०१३ के पहले संस्था का दबदबा था. कई political पार्टी हमारे पक्ष में भी थी. जब १५ साल पहले आश्रम मैनेजमेंट को पता चल गया था की यह जमीन अवैध है तो फिर इसको legally ठीक क्यों नहीं किया गया? क्या इस जमीन को आश्रम की लीगल टीम और मैनेजमेंट की नाकामी समझी जाए?

अहमदाबाद आश्रम मैनेजमेंट, स्थानीय संचालक, स्थानीय समिति एवं अहमदाबाद लीगल टीम द्वारा सभी साधको को यह बताया जाये की और कितने आश्रम की जमीन अवैध है और आज नहीं तो आने वाले समय में टूटने वाली है?

साधक परिवार का हक़ बनता है की इस सम्बन्ध में सबको जानकारी हो और इच्छुक साधक लीगली कुछ सकारात्मक निर्णय ले सके क्यूंकि स्थानीय समिति, स्थानीय आश्रम संचालक, अहमदाबाद मैनेजमेंट और लीगल टीम को यह एक लीला ही लग रही है.

सभी गुरु भाई और बहनो से बिनती करता हु की नजदीक के आश्रमों में जाए और संचालको से आश्रम की जमीन का पेपर ले और अच्छे वकीलों से दिखाके उसे ठीक करे.

कुछ भी लीगल सलाह चाहिए तो सनातन संस्था के वकीलों से सलाह लेके आप को दिया जायेगा.

http://athishravikanth.blogspot.in/

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
Email: athishravikanth@gmail.com

No comments:

Post a Comment