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Thursday, May 17, 2018

Whatsapp Message: 17th May

हरिओम,

"अच्छे और सच्चे आश्रमवासिओ को आज नहीं तो कल आश्रम छोड़के घर जाना ही पड़ेगा |"

अच्छे आश्रमवासिओ की संख्या बहुत है पर डर से, गलत के खिलाफ, यह अपनी आवाज़ नहीं उठाते. अगर एक भी बार, हलकी सी भी आवाज़ उठाई तो तुरंत बापूजी से आज्ञा दिलवा देंगे और घर भेज देंगे. मेरी इस बात से पुराने आश्रमवासी और सच्चे साधक सहमत होंगे |

पर अच्छे और सच्चे आश्रमवासी को यह नहीं पता की आज नहीं तो कल उनको निकाल ही देंगे और घर जाना ही पड़ेगा ,कारण यह है की जो गद्दार संचालक है अहमदाबाद में और दूसरे जगह, जो आश्रम को हड़पने में लगे हुए है, वे नहीं चाहेंगे की अच्छे और सच्चे आश्रमवासी साथ में रहे नहीं तो इनकी पोल खुल जाएगी |

वैसे भी धीरे धीरे अच्छे और सच्चे आश्वमवासी एक एक करके घर जा ही रहे है और जो नहीं गए वो दब दब के रह रहे है , समझदारी इसी में है की अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाये और जो आश्रम की प्रॉपर्टी और पैसा हड़पने में लगे है उनके खिलाफ लीगली कुछ करवाई करे. यही सच्चे शिष्य का कर्तव्य है |

कुछ गद्दार आश्रमवासिओ के लक्षण और लक्ष्य निचे दे रहा हु-
लक्ष्य
कुछ गद्दार संचालक अहमदाबाद के और इनके कुछ चमचे जो अलग अलग आश्रम में है. यह सब, जब तक इनको अपना अपना हिस्सा नहीं मिलेगा, तब तक यह आश्रम नहीं छोड़ेंगे |

इन सब को पता है की आश्रम की प्रॉपर्टी करोड़ो में है , अगर यह नहीं खाएंगे तो दूसरा गद्दार खा लेगा |
आत्मज्ञान और साक्षात्कार आदि , तो बस रट्टा मार लिया है, दूसरो को उपदेश दे और अपने आप को सबकी नजरों में ऊंचा साधक कहलाये, पीठ पीछे तो पैसा, प्रॉपर्टी और बिज़नेस आदि जोड़ लिया और कईयो ने तो शादी आदि कर अपनी लाइफ को सेटेल मान रहे है |

बहुत सारे आश्रमवासी ने अपना बिज़नेस शुरू कर लिए है और कई शुरू करने में लगे है- (जैसे उदय संघानी, वैसे लिस्ट बहुत है)
बहुत सारे शादी कर लिए है और कई सेटिंग ज़माने में लगे है |
बहुतो ने अपना काम बना लिए है और आश्रम छोड़ दिए है (जैसे मनोज बेले, वैसे लिस्ट बहुत है) और कई अपना काम बनाने में लगे है |

लक्षण
१) यह कुछ गद्दार संचालक है अहमदाबाद में जिनके पास ट्रस्ट पे काफी कण्ट्रोल है और पैसा भी इनके कण्ट्रोल में बहुत है आश्रम का.(जैसे वाणी, अर्जुन, चार नंबर वाला कामी, वैसे लिस्ट बहुत है )
२) इन्ही के चमचे और सहभागी कई दूसरे आश्रम में भी है जो काफी आश्रम की प्रॉपर्टी, पैसा और ट्रस्ट कण्ट्रोल में किये हुए है (जैसे शोभाराम, वैसे लिस्ट बहुत है.)
३) और कुछ चमचे ऐसे है जिनके पास कोई कण्ट्रोल नहीं है और कोई पैसा भी नहीं है, वो गद्दार संचालक के तलवे चाटते रहते है और इनके propaganda पे काम करते रहते है. ऐसे चमचे, जिनके पास कुछ कण्ट्रोल नहीं है, वो इसी उम्मीद पे आश्रम में ठीके हुए है की, जब बंटवारा होगा तो हमे भी कुछ पैसे मिलेंगे ताकि हम भी शादी करले और बिज़नेस शुरू करके सेट हो जाये. (जैसे राजू चिल्लर, बैंगलोर का रवि, वैसे लिस्ट बहुत है)

http://athishravikanth.blogspot.in/

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
Email: athishravikanth@gmail.com

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