Pages

Friday, May 25, 2018

Whatsapp Message: 25th May

हरिओम,

लीगल टीम के द्वारा किस तरह केस को बिगाड़ा गया और बिगाड़ा जा रहा है.

इतनी बड़ी संस्था की लीगल टीम में एक भी वकील नहीं. इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है? यह अनपढ़ गवर लोग, लीगल टीम में ऐसे सेवा कर रहे है जैसे शरबत वितरण करना हो YSS की टीम की तरह या भंडारा करना हो निक्कम्मी समिति की तरह.

आज इनकी line of working style पे थोड़ी बाते करूँगा.
१) यह अहंकारी, ना समझ, मुर्ख, निक्कम्मे लीगल टीम वाले पहले तो ऐसे वकील को चुनेंगे जो इनकी हर बात मान जाये, जब जब यह बुलाये तब तब जोधपुर आ जाये और जैसी एप्लीकेशन बताई जाये वैसी एप्लीकेशन ही लगाए, नहीं तो उन्हें साइड करदेंगे.
लड़ा जी, संजीव जी, वीरेंदर जी, हर्षद पोंडा, स्वामी जी, जैसे अच्छे वकील को इसीलिए साइड किया गया है क्यूंकि यह सब आश्रम की लीगल टीम के इशारो पे नहीं नाचते.
२) यह अहंकारी, ना समझ, मुर्ख, निक्कम्मे लीगल टीम वाले एक वकील से एक strategy पर एप्लीकेशन लगाने के बहाने ड्राफ्ट बनवाएंगे और दूसरी तरफ दूसरे वकील से दूसरी strategy पर एप्लीकेशन लगाने के लिए दूसरा ड्राफ्ट बनवाएंगे. इस प्रकार २-३ स्ट्रेटेजी, २-३ वकीलों से मिल जाने पर यह अहंकारी, ना समझ, निक्कम्मे लीगल टीम वाले खुद decide करेंगे की कौन सी एप्लीकेशन लगाना है. लीगल का ज्ञान है नहीं और निरयण लेने चले.
लड़ा जी, संजीव जी, वीरेंदर जी, हर्षद पोंडा, स्वामी जी, जैसे अच्छे वकील इसीलिए परेशान है क्यूंकि इनको काम करने नहीं दिया जाता जोधपुर में. बल्कि इनको मजबूर किया जाता है की यह अच्छे वकील पहले अपने मुर्ख लोगो तो लीगल की बाते समझाए और इन मूर्खो को confidence में ले. कोई भी अच्छा और बड़ा वकील कब तक यह सेहता रहेगा?
३) यह अहंकारी, ना समझ, मुर्ख, निक्कम्मे लीगल टीम बड़े बड़े वकीलों को अपने इशारो में नचाते थे और नचाते है.
इसीलिए लड़ा जी, संजीव जी, वीरेंदर जी, हर्षद पोंडा, स्वामी जी जैसे अच्छे वकील आश्रम की लीगल टीम को पसंद नहीं करते.
४) यह अहंकारी, ना समझ, मुर्ख, निक्कम्मे लीगल टीम वाले, चाहे करोड़ो रूपए आश्रम के खर्च हो जाये पर यह वही वकील को लाएंगे जो इनके इशारे पे नाचे.
संजीव जी, वीरेंदर जी, स्वामी जी जैसे वकील तो पैसा भी नहीं लेते. लड़ा जी भी शायद फ्री में ही आते होंगे.

होना यह चाहिए की अच्छे वकील को सीधा बापूजी से संपर्क करा के जोधपुर में केस लड़ने की लिए free hand दिया जाना चाहिए. अब चाहे वो लड़ा जी हो या संजीव जी या वीरेंदर जी या हरसद पोंडा या स्वामी जी.

ऐसा नहीं हो रहा है इसीलिए में बार बार कहता हु की यह अहंकारी, ना समझ, मुर्ख, निक्कम्मे लीगल टीम के कारण ही केस ख़राब हुआ है और बापूजी को आजीवन कारावास हुआ है. अभी भी कुछ ऐसा ही होते दिख रहा है.

इस प्रकार की और भी बाते है जो आने वाले दिनों में शेयर करूँगा.

यह अहंकारी, ना समझ, मुर्ख, निक्कम्मे लीगल टीम वाले बोले तो नीता, आश्विन बुड्ढा, पुनीत, अर्जुन, अजय शाह, मेजर, विकास खेमका, निशांत, के डी पटेल एवं अन्य.

http://athishravikanth.blogspot.in/

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
Email: athishravikanth@gmail.com

No comments:

Post a Comment