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Wednesday, May 2, 2018

Whatsapp messages: 2nd May

हरिओम,
अपनों ने दिया धोका!

इतिहास गवाह है. जब जब अपनों ने दिया धोका तब तब अनर्थ हुआ है. कुछ उद्धरण देता हु निचे आप सभी को.

१)
a) जहा जहा सुरेश चावनके जी जाते थे वहां अपने साधक जाके मिलते थे और फोटो खिचवाते थे. इन्होने ही कई बार ट्विटर के माध्यम से आश्रम के गद्दारो के बारे में बोले है.
b) जहा जहा सुब्रमनियन स्वामी जी जाते थे वहां वहां अपने साधक जाके मिलते थे और सपोर्ट की मांग करते थे. इन्होने ही कई बार ट्विटर के माध्यम से आश्रम के गद्दारो के बारे में बोले है.
c) हाल ही में K K manen भी मीडिया में बोल चुके है की आश्रम लीगल टीम की गलती थी करके.

क्या कोई भी साधक इन सभी के पास जाके डिटेल में जानकारी लेने की कोशिश की?
क्या कोई भी साधक इन सभी के पास जाके यह जानने की कोशिश करे क्या की यह गद्दारो के बारे में क्यों बोले है और ऐसा क्या हुआ इनके साथ या ऐसा क्या पता चला इनको जिससे इनको कन्फर्म हो गया की आश्रम के अंदर गद्दार है?

यह सब जाने बिना अहमदाबाद आश्रम मैनेजमेंट और लीगल टीम की भक्ति करना सही है क्या? क्या बापूजी से बड़े, यह लोग हो गए क्या?
२)
a) लड्डा जी जैसे इतने अच्छे और वरिष्ठ वकील को किस कारणों से केस से दूर जाना पड़ा?
b) संजीव पुनाळेकर जी जैसे इतने अच्छे वरिष्ठ वकील को किस कारणों से केस से दूर जाना पड़ा?
c) स्वामी जी जैसे इतने महान वकील को किस कारणों से केस से पहले दूर किया गया?

क्या कोई भी साधक इन सभी के पास जाके डिटेल में जानकारी लेने की कोशिश की?
क्या कोई भी साधक इन सभी के पास जाके पूछने की कोशिश करे की यह केस से क्यों हैट गए?

३) में गलत हो सकता हु पर क्या यह सब लोग भी गलत है?

अंदर के धोखेबाजो से ज्यादा नुक्सान होता है. उद्धरण है
१) मीर ज़फर
२) मोहम्मद अली जिन्नाह
३) जयचन्द
४) जय गोपाल (इसके कारन भगत सिंह को फ़ासी हुई)
५) राजा मन सिंहग
६) राजू चांडक (पूर्व आश्रमवासी)
७) अमृत प्रजापति (पूर्व आश्रमवासी)

जिस केस में कोई दम नहीं, उस केस में बापूजी को उम्र कैद की सजा दिलवादी. सर्कार, मीडिया, ईसाई मिशनरीज तो पता था पर *हमे तो अपनों ने धोका दिया*

http://athishravikanth.blogspot.in/

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
Email: athishravikanth@gmail.com

2)

हरिओम,

when we were informing everyone that chances for Bapuji arrest is high and need to do something seriously on ground
but sadhak and everyone told that it is not possible

when we were informing everyone including ashramwasi that we should fight legally to provide food to Bapuji
sadhak and everyone told that it is not possible

when our team, rahul joshi team and kunal team were informing everyone that the way case is conducting, chances of conviction is high
sadhak and everyone told that it is not possible

now we, Subramanian swamy, suresh chavanke are telling that insider played a major role in Bapuji conviction
sadhak and everyone telling that it is not possible

now we are also informing that in coming days few ashram we may loose
sadhak and everyone telling that it is not possible

now we are also informing that next target is Bharti didi,
sadhak and everyone telling that it is not possible

there are more severe damage to come in coming days
but unfortunately sadhak are living in some dilemma that still everything is fine despite Bapuji was convicted for umr kaid

http://athishravikanth.blogspot.in/

हरिओम
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
Email: athishravikanth@gmail.com

3) 
हरिओम,

अभी तक मैंने गद्दार अहमदाबाद में बैठे कुछ आश्रमवासिओ के बारे में बताया था. अभी कुछ साधको के बारे में बताता हु.

९०% साधक वो है जो घर बैठे संकल्प से, ट्विटर से, जप से चाँद को जमीन में लाना चाहते है, बापूजी को जेल से बहार लाना चाहते है, और दुश्मनो के छक्के उड़ाना चाहते है. उस युग में भगीरथ ऋषि भी संकल्प से गंगा जी को धरती पे नहीं ला सके. 

खेर, ऐसे साधको के पास सेवा के लिए सिर्फ सुबह का कुछ समय और शाम का कुछ समय ही होता है और अगर पुरे दिन की बात करे तो यह ज्यादा से ज्यादा शनिवार और रविवार ही दे सकते है वो भी हर weekend नहीं. इस ९०% साधक में कुछ ऐसे भी है जो समझदार भी है और प्रक्टिकली समझते भी है पर परिवार और ऑफिस की मज़बूरी के कारण कुछ नहीं कर पाते.

बाकी दिन में चाहे आश्रम को बम से उडा भी दिया जाये तो भी यह शनिवार या रविवार को मीटिंग करके अगले हफ्ते की शनिवार और रविवार को अहमदाबाद आश्रम से कुछ निर्देश मिले तो कुछ करेंगे नहीं तो आसारामायण का पाठ करके, महा प्रसादी ग्रहण करके बीवी बच्चों का प्रेशर सँभालने वापस घर चले जायेंगे.

हक़ीक़त में ऐसे साधको को बापूजी के केस और आश्रम से कुछ लेना देना भी नहीं होता है. अंदर और पीछे आग भी नहीं लगी होती है. यह इसी फ़िराक में बैठे रहते है की काश बापूजी या अहमदाबाद से यह सन्देश आ जाये की शांति बनाके के रखे. जिस समय यह मैसेज आ जाता है तब अंदर ही अंदर यह बहुत ही ज्यादा आनंद का अनुभव करते है. इसी को आज्ञा मानकर दुसरो को भी शांति और तत्वज्ञान देने लग जाते है और व्हाट्सप्प में यह मैसेज स्प्रेड करना इनका परम कर्त्तव्य बन जाता है.

अहमदाबाद के जो गद्दार संचालक है वो भी माहौल को शांत करने के लिए और गुमराह करने के लिए ऐसे ही साधको और समिति वालो का सहारा लेते है. इसी कारण ऐसे साधको का और कुछ गद्दार संचालको की जोड़ी खूब बनती है.

बाकी के १०% साधक जो कुछ थोड़ा प्रैक्टिकल सोच के करने के इक्छुक होते है उन्हें चारो तरफ से प्रेशर लगाके दबा दिया जाता रहा है. 

रही बात समिति की, तो ज्यादा से ज्यादा समिति भी यही चाहती है की कुछ न करे. जितना हो सके उतना कम ही करे वो भी दिखावे के लिए ताकि कोई हमारे ऊपर ऊँगली ना उठा सके की हमने कुछ किया नहीं. समिति के लोग कभी पियाओ के कार्यक्रम कर लेंगे, कभी किसी वकता के सत्संग करके पैसा बर्बाद करलेंगे, कभी महा भंडारा के आयोजन कर लेंगे, १५ अगस्त को रैली निकलवा लेंगे, कभी कभी आश्रम में जाके हिसाब किताब कर लेंगे तो कभी मिलके चर्चा (जिसका कोई सार नहीं निकला अभी तक) कर लेंगे. इस प्रकार की समिति के साथ भी यह ९०% साधक ही साथ देते है और इस प्रकार के साधको की समिति के साथ खूब बनती है.

हम ४ करोड होके मीडिया पे प्रेशर नहीं बना सके
हम ४ करोड होके पोलिटिकल प्रेशर नहीं बना सके
हम ४ करोड होके कुछ भी नहीं कर सके जिससे केस में कुछ पॉजिटिव असर हो सके 

कारण यह ९०% साधक, समिति और अहमदाबाद के कुछ गद्दार संचालक ही है.

http://athishravikanth.blogspot.in/

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
Email: athishravikanth@gmail.com

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