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Thursday, July 26, 2018

Whatsapp Message: 26th July 2018

हरिओम,

आश्रमों की जमीनों को ऐसे बेचा जा रहा है

जी हा, आश्रम की जमीनों को बेचा जा रहा है. मैंने अपने पुराने पोस्ट में भी इस बात का जिक्र कर चूका हु की धीरे धीरे षड्यंत्कारी आश्रम की जमीन को बेच देंगे और एहि लोग सर्कार के साथ मिलकर कई आश्रम को सर्कार के हवाले भी कर देंगे.

आपको विस्तार से बताता हु की कैसे आश्रम की जमीनों को बेचने का घिनोना षड्यंत्र शुरू हो गया है.

२०१३ में जब पूज्य गुरुदेव जोधपुर कारावास में गए तब सभी साधक दुखी थे, पीड़ित थे, कोई आक्रोश में था तो कोई रो रहा था छुप छुप के तो कोई साधना बड़ा दिया था. परन्तु उसी समय षड्यंत्कारी हरामिओ ने आश्रम की जमीन को हड़पने की अपनी काली करतूत शुरू कर दिए थे.

२०१३ में, पूज्य बापूजी कारावास जाने के बाद, एक हरामी संचालक के भेष में, जिसका नाम गर्ग है, इसने अपना चमचे कृष्णा को मेरठ के मोदीपुरम बाईपास में स्तीथ डोलरी आश्रम में संचालक बना के भेजा.

दोनों गद्दार और हरामी कृष्णा संचालक और अशोक गर्ग ने मिलके इस आश्रम में अपार्टमेंट बनाना शुरू किया. आश्रम की जमीन के अंदर अपार्टमेंट बनाने का विरोध कुछ अच्छे समिति के मेंबर (नाम नहीं लूंगा) ने किया और साथ में कुछ सच्चे YSS के युवाओ ( शरबत वितरण, परचा बाटने वाले, संचालक के चमचो वाले ढोंगी YSS के मेंबर नहीं) ने भी किया.

जब विरोध ज्यादा हुआ तो कुछ साधको को यह कह के शांत करा दिया गया की साधको को विशेष मूल्य में फ्लैट दिए जायेंगे. कई लालची साधक विरोध करना बंद करदिये. फिर भी कुछ निष्ठावान साधक और YSS के मेंबर ने विरोध जारी रखा. पर जैसे की हर बार होता आया है की कुछ हरामी, कुछ गद्दार संचालक जो मुफ्त में घी की रोटी खाते है, वह बापूजी की आज्ञा का हवाला देके अपनी काली मंशा को पूरा करने लगे.

सवाल यह भी उठता है की पूज्य बापूजी हमेशा ध्यान भजन के लिए प्रोत्साहित करते है तो ऐसे में बापूजी आश्रम की जमीन के अंदर अपार्टमेंट बनाने की आज्ञा दे ही नहीं सकते. वो भी ऐसे समाये में जब पूज्य बापूजी का केस में बहुत गर्मी थी.

आश्रम जप, अनुष्ठान, साधना और सत्संग के लिए होता है. वहां का वातावरण सात्विक होता है. आश्रम में पूज्य गुरुदेव, पूज्य साईजी और प्रभुजी की सात्विक औरा का प्रभाव रहता है. ऐसे पवित्र जगह में अपार्टमेंट बनाने का क्या मतलब है?

अपार्टमेंट में हर तरह के लोग रहेंगे और हर तरह का काम होगा जो यहाँ बताना ठीक नहीं है. अपार्टमेंट साधको के लिए बनाना ही है तो कही आश्रम के पास जगह लेके भी बनाया जा सकता था. पर आश्रम के अंदर, आश्रम की पवित्र जगह में अपार्टमेंट क्यों बनाया गया?

गद्दार संचालक कृष्णा और धन्दा करने वाला हरामी गर्ग ने पैसो के लालच में आश्रम की पवित्र जगह में अपार्टमेंट बनाना शुरू कर दिया.

२४ जुलाई २०१८ को मेरठ के कमिश्नर ने आश्रम के अंदर बने अपार्टमेंट को seize कर दिया गया. इस अपार्टमेंट को कई नोटिस भी आये थे फिर भी अपने आपको भगवन से भी महान समझने वाले अहंकारी, हरामी, मुफ्त की रोटी खाने वालो ने अनदेखा कर दिया. निचे इस खबर की लिंक दे रहा हु.

https://epaper.jagran.com/ePaperArticle/25-jul-2018-edition-Meerut-page_6-31398-7422-29.हटम्ल

आश्रम का महत्व आश्रम की सात्विकता से होता है. साधको का कर्तव्ये है की गुरीजी की पवित्र औरा और सात्विकता को बनाये रखे. आश्रम के अंदर अपार्टमेंट बनाने से क्या पवित्रता और सात्विकता बानी रहेगी?

इस विषय में RTI लगाके आने वाले दिनों में और भी जानकारी दी जाएगी साबुत के साथ. मेरठ में ३ आश्रम है. दूसरे आश्रमको को भी हड़पने के लिए दूसरे तरीके से षडयंत्र किया जा रहा है जिसका खुलासा आने वाले दिनों में विस्तार से साबुत के साथ करूँगा.

मेरठ का यह आश्रम बड़ौत आश्रम से दूर नहीं है. एक तरफ आश्रम के पास इतना पैसा है की आश्रम की पवित्र भूमि पे अपार्टमेंट बनाया जा रहा है और दूसरी तरफ एक आश्रम की बाउंड्री वापस बनाने का पैसा भी नहीं है.

अहमदाबाद आश्रम में बैठे संचालक जैसे ४ नंबर, वाणी, अखिल भारतीय योग वेदांत सेवा समिति, अर्जुन, लीगल टीम, एवं और भी कई इस षड्यंत्र में शामिल है. अगर नहीं होते तो आश्रम के अंदर अपार्टमेंट बनाने ही नहीं देते यह लोग. अपार्टमेंट से जितनी भी काली कमाई हुई है, सब ने अपना अपना हिस्सा रखा हुआ होगा. इसीलिए सब शांत है. हिस्सा मिला है की नहीं, यह अलग बात है.

इस तरीके से एक एक आश्रमों को बेचा जा रहा है.

नोट: मेरे मैसेज के बाद कुछ चाटुकार अपनी भड़ास निकल के लिए कॉल करते है. भड़ास निकलने वाले चाटुकार से निवेदन है की रात १० बजे के बाद कॉल करके भड़ास निकाले. में मुफ्त में आश्रम की घी को रोटी नहीं खता. दिन में चाटुकारो को समय नहीं दे सकता. और जिसको merit में कुछ discussion  करना हो तो मुझे व्हाट्सप्प या ईमेल भी कर सकते है. समय मिलते ही जवाब दे दूंगा.

http://athishravikanth.blogspot.in/

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
Email: athishravikanth@gmail.com



2nd Message

हरिओम,

# अगर आपको बापूजी से दीक्षा लेने के बाद लाभ मिला है
# जीवन परिवर्तन हुआ है
# सोच बदली है
# आश्रम की जमीन को बचाना चाहते है षड्यंत्कारो से
# और आपमें यह quality है तो पर्सनल ईमेल या व्हाट्सप्प करे

कुछ करेंगे मिल के!

requirement यह है की
१) लिखना पड़ना आना चाहिए. english में पकड़ है तो अच्छा है.
२) हर दिन ३ घंटे देने होंगे
३) computer basic knowledge जरुरी है.
४) email drafting, excel का knowledge भी जरुरी है.
५) ४-५ वकील, बिना experience वाले भी चाहिए. Experience नहीं है तो भी चलेगा.
६) local charity commissioner office जाके अफसरों से मिलना, कमिश्नर ऑफिस जाना या कोर्ट जाना पड़ सकता है तो कुछ travelling में भी टाइम देना होगा.
७) इस प्रकार की सेवा में सालो लगता है तो धीरज रखना बहुत जरुरी है.
८) broad minded और broad vision हो तो और भी अच्छा है.
१०) internet connection बहुत ज्यादा जरुरी है.
११) किसी भी आश्रम के संचालको के चाटुकार बिलकुल भी नहीं होना है.
१२) माला का नियम रोज करना है.

अहमदाबाद आश्रम के भरोसे बैठोगे तो कुछ सालो में multiplex mall पे साधना करना पड़ेगा क्यूंकि आश्रम को बेच देंगे या तो अपार्टमेंट बनाके ख़तम करदेंगे या आश्रम की जमीन को commercial complex बना देंगे या सर्कार हड़प लेगी.

नोट: संकल्प करने वाले, संचालको के चाटुकार, वक्ताओं के भगत, समिति के भगत एवं शरबत वितरण वाले कृपा इस मैसेज को ignore करे. धोके से आप तक यह मैसेज आ गया है. वैसे भी spam का जमाना है.

http://athishravikanth.blogspot.in/

हरिओम।
आतीश रविकांत, बंगलौर
सेल एवं व्हाट्सप्प: +91 9663978686
Email: athishravikanth@gmail.com

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